Thursday, April 9, 2020

पुटनोट 370 (रजवाड़े)

जहां तक मेरी जानकारी है 1857 के बाद से बिहार और संयुक्त प्रांत पर अंग्रेजी राज की सीधी संप्रभुता थी, कोई भी मातहत राजा (Suzeren princely state) नहीं थे। काशी नरेश, दरभंगा महाराज, रामपुर के नवाब, राजा मांडा... आदि तकनीकी रूप से जमींदार थे।हैदराबाद के निजाम, गवालियर के सिंधिया, पटियाला, जयपुर, जोधपुर आदि की तरह इनके पास कानून बनाने के सीमित अधिकार नहीं थे न ही, सेना ओऔर पुलिस के। राजा, महाराजा, राय बहादुर .. आदि पदवियां आलंकारिक थीं। हो सकता है मेरी जानकारी त्रुटिपूर्ण हो, सुधार ने में कोई हर्ज नहीं होगा। ऊपर दीक्षितजी ने दरभंगा महाराज का जो पत्र शेयर किया है प्रकारांतर से उसका भी यही आशय है।

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