मै 10 बजे नोएडा से निकला दिल्ली विश्वविद्यालय होते हुए 12 बजे मंडी हाउस विरोध प्रदर्शन मैं शामिल होने आईटीओ, राजघाट, कश्मीरी गैट सारे रास्ते बंद। 2 बजे विश्वविद्यालय पहुंचा और पता चला सब लोग गिरफ्तार हो गये और 144 लगा है, गाड़ी छोड़कर आटो से कश्मीरी गेट आकर पैदल लाल किले की तरफ जा रहा हूँ। कदम कदम पर पुलिस है, दो आदमी को साथ देख कर रोक रही है। देखता हूं कहाँ तक जाने देते हैं?
लाल किले से वापस दिल्ली विश्वविद्यालय के रास्ते मे सिविल लाइन्स पहुंचते पहुंचते लगभग 4 बज गये, CSDS चला गया, बेटी ओर कुछ स्टूडेंट्स जंतर मंतर से फोन कर आने के लिए मना करती रही, वहां भी सारे मित्र दिल
के दूसरे दौरे के लिए डांटने लगे जैसे वह मेरे बस में हो। लब्बोलुआब यह कि जंतरमंतर नहीं गया। CSDS में अभय दुबे, रविकांत, प्रभात झा, डीपीएस का मेरा स्टूडेंट दीपू, अलंकार, आदि के साथ प्रोटेस्ट के दोरो पर चाय पर बातें हुई। रविकांत ने कहा अब बच्चे नारा लगाने लगे तो हमें पीछे हट जाना चाहिए। हमने कहा हमें साथ साथ नारा लगाना चाहिए। बड़ी बेटी ने फोन किया कि वह सिकागो में प्रोटेस्ट में जा रही है।उम्मीद है फासीवाद की हवा पलटेगी और अब जनवाद की बयार बहेगी। जंतरमंतर से वीडियो देखकर दिल उत्साहित है कि कितनी भी बर्बरता से बल प्रयोग करे जालिम युवा उमंगो का दरिया रुकने वाला नहीं है।
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