Thursday, January 12, 2017

फकत इंसानियत मेरी पहचान है

दुबाराः

धरती के बासिंदों में
कुछ हिंदू औ कुछ मुसलमान हैं
कुछ ईशा के तो कुछ मूसा के कीर्तनकार हैं
कुछ गोरे तो कुछ भूरे नस्लवादी किरदार हैं
हम जैसे कुछ ही हैं
इंसानियत ही जिनकी फकत पहचान है
खुदाओं की आपसी रंजिश में
मरता सब अदना इंसान है
मजहबी सियासतदां
धरती का नरभक्षी शैतान है
(ईमिः16.12.2016)

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