Saturday, April 5, 2014

ईश्वर विमर्श 3

मैं तुम्हं और तुम्हारे जैसे सारे इन्सानों को, जिनके प्रमाण हैं सबको मानता दूं, ईश्वर कमजोर आत्मबल के लोगों का संबल है, जो खुद सबल हैं उन्हें धर्म या भगवान की बैशाखी की जरूरत नहीं पड़ती, मैंने तो अब भगवान के बिना 40 साल बिता दिए, कभी प्रसन्नता के भ्रम के लिए किसी अज्ञात फरेबी (करण-कारण संबंधों को नकार के काऱण) प्रकृति से परे शक्ति की न जरूरचत हुई न कभी डर लगा, जो है नहीं उसका क्या डर , भूतों को तो बचपन में चुनौती दी थी मेरा कुछ न कर पोए, भगवान को भी भूतों वाला ऑफर है.

2 comments: