Sunday, May 31, 2015

वे डरते हैं सच से

अंबेडकर-पेरियार स्टडी सर्कल पर पाबंदी पर प्रतिक्रिया

वे डरते हैं बुद्ध से
वे डरते हैं बुद्धि से
वे डरते हैं मार्क्स से
वे डरते हैं विज्ञान से
वे डरते हैं फुले से
वे डरते हैं इतिहास से
वे डरते हैं अंबेडकर से
वे डरते हैं जाति के सर्वनाश से
वे डरते हैं सच से
वे डरते हैं मेहनतश के हक़ से
वे डरते हैं आवाम से
वे डरते हैं खुद से
वे डरते हैं स्वतंत्र सोच से
वे डरते हैं किताब से
वे डरते हैं इंकिलाब से
इसी लिये डराते हैं सत्ता के हथियारों से
गूंजेगा इससे चप्पा इंकिलाब के नारों से
वे डरते हैं कि हमने डरना बंद कर दिया
हमें डराते रहना है उन्हें
बंदूक से नहीं विचारों से
(ईमिः01.06.2015)
यह तुकबंदी 1 लोकप्रिय क्रांतिकारी गीत से प्रेरित है)

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