Wednesday, April 24, 2013

जुनून


जुनून
ईश मिश्र
चढ़ता है जुनून संकीर्ण फिरकापरस्ती का
चाहता है वह अंत सामासिक संस्कृति का
नफरत फैलाता है मासूम लोगों के दिलों में
देख धर्मनिरपेक्षता के तर्क घुस जाता है बिलों में
धर्मनिरपेक्षता एक तर्कसंगत विज्ञान है
इंशानियत की एकता का महत सम्मान है
जो मिलजुल कर रहने का सुंदर आख्यान है
पोंगपंथी तिनको के लिए समुद्री तूफान है
इंशानी तारीख की यही तो जान है
तरक्की की राह इसकी अपनी शान है
यह दुनिया को समझने और बदलने का ज्ञान है
                        इसे जुनून कहना कमीनगी भरा अज्ञान 
[२०११]

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