Saturday, August 5, 2017

पुटनोट 112 (मुगलसराय से दीनदयालनगर)

Satyendra PS ने एक नयी क्रिया की अवधारणा ईजाद किया है, किसी का 'मुगलसराय करना'। हम बचपन में सुनते थे पुलिस ने फलां का काउंटर (एंकाउंटर) कर दिया, 'ज्यादा बोलोगे तो काउंटर करवा दूंगा'। पुलिस द्वारा किसी को पकड़कर, बांधकर गोली मारने की घटना को काउंटर कहा जाता था। सत्येंद्र ने लिखा है कि मुगल सराय का नाम दीनदयाल नगर रखने की योजना के पीछे नगपुरिया चितपावनों द्वारा उत्तर भारत के पांडे, शुक्ला... उपाध्याय टाइप के ब्राह्मणों को बुद्धिजीवी बनने के नतीजों की चेतावनी है कि ऐसों का मुगलसराय कर दिया जोएगा। गौरतलब है कि दीनदयाल उपाध्याय मुगलसराय में ट्रेन की अपनी सीट पर संगिग्ध हालत में मरे पाए गए थे। मैं उस समय 12-13 साल का था, अफवाहें थीं कि अंदरखाने का मामला था।

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