रिटेल सेक्टर से लगभग 42 करोड़ लोग रोजी कमाते हैं जब कि इतने ही लेन-देन के लिए वालमार्ट में 4.2 करोड़ कर्मचारी हैं। 100% यफडीआई से 37.4करोड़ लोग अदृश्य रूप से रोजी से बेदखल हो जाएंगे, उसी तरह जैसे रेल प्लेटफॉर्म से करोड़ों वेंडर जो चाय-समोसा-आलूपूड़ी और स्थानीय फल-फूल बेचकर रोजी कमा रहे थे। 200 साल प्लेटफॉर्म परि उनकी उपस्थिति राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं थी। वाजपेयी जी की 'भ्रष्टाचार मुक्त' सरकार ने जब रेल के खान-पान की व्यवस्था ठेके पर दे दिया तो एकाएक प्लेटफॉर्म पर उनकी उपस्थिति राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन गयी और करोड़ों लोग अदृश्य रूप से रोजी से बेदखल हो गए।
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