Wednesday, November 13, 2019

लल्ला पुराण 291 (जेएनयू)

जेएनयू इस मुल्क का सर्वोत्तम विवि है जहां गुंडागर्दी की बजाय तर्क-विवेक का माहौल है। मैं दूसरे हर्ट अटैक के मनोवैज्ञानिक प्रभाव में बौद्धिक शिथिलता की स्थिति में हूं, शीघ्र ही नया लेख लिखूंगा। ग्रुप में 2016 में लिखे हिंदी, अंग्रेजी में लिखे 2-2 लेख शेयर कर रहा हूं, लोगों में धैर्य हो तो पढ़ लें और जेएनयू तथा अन्य विश्वविद्यालयों में फर्क समझ आ जाएगा। मैं इवि औक जेएनयू दोनों जगह पढ़ा हूं, इवि से इतना प्यार है कि कई ग्रुपों में तमाम अवमानना के बाद भी रहता हूं। इस ग्रुप से भी मुझे कई बार निकाला-भर्ती किया गया। मेरी उम्र और सीनियार्टी (जिसकी मैं कोई प्रिविलेज नहीं चाहता) के बावजूद कई लोग (ज्यादातर जन्मना मेरे सजातीय) भला-बुरा कहते रहते हैं, फिर भी बिना शिकवा के पड़ा रहता हूं। इलाहाबाद में कोई भी किसी भी कार्यक्रम का निमंज्त्रम देता है तुरंत स्वीकार कर लेता हूं। लेकिन इवि की तुलना में मैं जैसा भी इंसान हूं उसमें जेएनयू का योगदान ज्यादा है।

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