Thursday, August 18, 2016

फुटनोट 68 (जनेऊ)

D.k. Bajpai पहली बात तो मैं ब्राह्मणवाद या किसी वाद को गाली नहीं देता, आलोचनात्मक समीक्षा करता हूं. मैं तो फासीवाद, साम्प्रदायिक लंपटतावाद, नवउदारवाद सबकी आलोचना करता हूं. आप तो ऐसे कह रहे हैं जैसे कई अंग्रेज भारत में अंग्रेजी राज के विरुद्ध थे. फिलिप और ब्रेडले नामक 2 कॉमरेट मेरठ षड्यंत्र मामले में जेल में थे. क्या वे अंग्रेज होकर भी अंग्रेजी औपनिवेशिक शासन के विरोध में जेल यातना सहा? जी नहीं. कोई भी चिंतनशील और संवेदनशील व्यक्ति औपनिवेशिक शासन को उतना ही अमानवीय और दमनकारी पाता और विरोध करता जितना कि जन्म के संयोग को सामाजिक असमानता की वैधता का श्रोत मानने वाले ब्राह्मणवाद का कर रहा है. इस पोस्ट में तो ब्राह्मणवाद के बारे में कुछ कहा भी नहीं गया है सिर्फ लाक्षणिक शैली में ब्राह्मण से इंसान बनने की प्रक्रिया की शुरुआत का जिक्र है. अच्छा यह बताइए, मिश्र की बजाय ईश अनाम या ऐसे ही किसी नाम से प्रोफाइल खोल लूं तो मेरी बातों का मतलब बदल जाएगा क्या? अरे भाई आपका हमारा ताल्लुक हमारी उंगलिओं से टाइप अक्षरों से है, लोगों का ध्यान ढेर सारे अक्षरों की बजाय तीन अक्षरों पर ही जाता है -- मिश्र. ब्राह्मण से इंसान बनने की प्रक्रिया का मतलब, बिना चेतन प्रयास या चाहत के, विरासत में मिले मूल्यों/मान्यताओं/नैतिकता, या संक्षेप में संस्कार की वैज्ञानिक समीक्षा और अतार्किक मूल्यों-मान्यताओं का त्याग तथा उनकी जगह सचेष्ट अर्जित विवेक सम्मत मूल्यों की प्रतिष्थापना. मैं पहचान के लिए ब्राह्मणवाद जैसी अधोगामी विचारधारा की आलोचना का मोताज नहीं हूं. वैसे तो मैं स्वघोषित नास्तिक हूं लेकिन नाम ईश है, गनीमत है कि अभी तक किसी ने नहीं कहा कि जब ईश्वर को नहीं मानते तो ईश नाम क्यों रखते हो? भाई सुनिए न नाम बदलूंगा, क्योंकि मैं हाड़-मांस का वास्तविक ईश हूं नाम बदलना है तो अलग-अलग कल्पनाओं में बसे अलग अलग रूप के कल्पित ईशों का नाम बदल दो, न ही मिश्र का पुछल्ला हटाऊंगा. ईश मिश्र नाम से ही अवधारणाओं और सामाजिक-राजनैतिक इकाइयों की तथ्य-तर्कों के आधार पर व्याख्या करता रहूंगा, लिखता रहूंगा फासीवाद, ब्राह्मणवाद, नवउदारवाद जैसी मानवता-विरोधी विचारधाराओं तथा अलकायदा और आरयसयस जैसे अधोगामी संगठनों के खिलाफ लिखता रहूंगा. अकारण कुछ नहीं करना चाहिए, नाम परिवर्तन भी नहीं. कलकत्ता के कोलकोता हो जाने से शहर का चरित्र नहीं बदल गया.

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