Tuesday, October 20, 2015

फुटनोट 52

Ran Jeett Singh बात समझ की कमी नहीं है, बात समझ को पूर्वाग्रहों से बांधकर उसे साबित करने के दुराग्रह का है. गोधरा के लिए नरेंद्र मोदी को महज इस लिए नहीं दोषी ठहराया जाता कि वे मुख्यमंत्री रहते अभूतपूर्व नरसंहार-लूट-बलात्कार का तांडव नहीं रोक पाये बल्कि इसलिए भी कि इस नरसंहार को अंजाम देने के लिए गोधरा प्रायोजित किया. पूर्वाग्रह से मुक्त होकर दिमाग का इस्तेमाल करें तो सहमत होंगे. अदालत की क्लीनचिट से मानवता के विरुद्ध अपराधी कॉरपोरेट सेवा से दोशमुक्त नहीं हो जाते. कोई दंगा अचानक नहीं होता प्रायोजित होता है. और, जैसा कि विभूति नारायण राय ने कहा कि सरकार चाहे तो किसी भी दंगे पर आधे घंटे में काबू पा सकती है. मुजफ्फरनगर की ही तरह दादरी की भी तैयारी पहले से ही नचल रही थी. मामला धर्म का नहीं है, चुनावी ध्रुवीकरण का है. मुजफ्फरनगर मोदी-मुलायम के टैसिल एलायंस का नतीजा है, जैसाकि हमने अपनी रिपोर्ट में दिखाया है.

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