Monday, December 19, 2022

समर्पण भाव

 भक्तिभाव की ही तरह समर्पणभाव भी

प्रकारांतर से दास मानसिकता की अभिव्यक्ति है

न पूजा करो न पूजा की वस्तु बनो
लड़ो जनतांत्रिक इंसानी समानता के लिए
स्त्री प्रज्ञा और दावेदारी के रथ की सारथी बनो
मर्दवाद के दुर्गद्वार पर निरंतर प्रहार करो
स्त्री अस्मिता में ढूंढ़े जो दोष
जलाकर उसे रचो नया शब्दकोश
दे जो समानता और स्वतंत्रता का संदेश
तोड़ दो सदियों पुरानी बेड़ियां
और कर्मकांडों के सोने के पिजड़े
स्वतंत्रत्रता, समानता औक सौहार्द के नारे बुलंद करो
और इस तरह, मानवमुक्ति का पथप्रशस्त करो।
(ईमि: 13.12.2022)

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