Saurabh Pandey Ashu ब्राह्मण विरोधी नहीं, ब्राह्मणवाद विरोधी। ब्राह्मणवाद एक विचारधारा है जो व्यक्तित्व का मूल्यांकन कर्म-विचार की बजाय जन्म के आधार पर करता है। मैं एक चिंतनशील इंसान के रूप में अपनी बात रखता हूं, कौन खुश होता है, कौन तिलमिलाता है इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। आप बिना पढ़े तिलमिलाने की बजाय पढ़ लिया करें तो बेहतर कमेंट करने की स्थिति में होंगे। ब्राह्मण होने में मेरा कोई योगदान नहीं है, आपका भी नहीं होगा। जिसमें अपना कोई योगदान न हो उसमें गर्व-शर्म की क्या बात? बाभन (अहिर-भूमिहार-हिंदू-मुसलमान) से इंसान बनना सुखद है, लेकिन आपमे शायद इंसान बनने की इच्छा शक्ति नहीं है।
Saurabh Pandey Ashu जी समाज को सदियों जड़ बनाने वाली विचारधारा की नींव गिराना ही मकसद है। हमारे पूर्वजों ने अपने निहित स्वार्थ में न महज समाज में बौद्धिक जड़ता फैलाया बल्कि मिथक को ज्ञान के रूप में परोसकर अपनी भविष्य की पीढ़ियों को भी मूर्खता के गर्त में ढकेल दिया। आप जैसे ब्रह्मज्ञानियों को पढ़ने की आदत नहीं होती या फिर शाखा की ड्रिल में कुंद हो जाती है, इसलिए लेख पढ़कर नहीं, जिल्द देखकर ही समीक्षा करते हैं। लेख भी पढ़ लें तो थोड़ा ज्ञान चक्षु खुलेेंगे।

Truly when someone doesn't know then its up to other users that they will assist, so here it takes place.
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