Thursday, September 10, 2026

जब भी हम सोचते हैं नए सिरे से शुरू करने को

 जब भी हम सोचते हैं शुरू करने को

 जब भी हम सोचते हैं शुरू करने को
नए सिरे से

तब तक जो भी हो चुका हो
नए सिरे से शुरू करना हमेशा नया होता है
पुरानी मंजिलें पुरातन हो चुकी होती हैं
और इंतजार कर रही होती हैं नई मंजिलें
किलकारी मारते बच्चे बड़े हो चुके होते हैं
नए नग्में लिख रहे होते हैं नई पीढ़ी के
और हम कहते हैं
हर अगली पीढ़ी हमेशा तेजतर होती है
और पीढ़ी-दर-पीढ़ी गवाह बनती है
इतिहास की अनवरत यात्रा की
पाषाणयुग से साइबर युग तक।
(ईमि: 09.09.2026)

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