Friday, September 4, 2026

हत्यारों के ग्लोबल सरगना

 हत्यारों के ग्लोबल सरगना के स्वागत के

विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम में मैं भी शामिल था
और सुना था उसकी प्रशंसा में आपकी यह कविता
और खुश हो रहा था कि
हत्यारा नहीं समझ पाया था प्रशंसा में छिपा व्यंग्य
और बच गया था
आपका नाम उसकी हिटलिस्ट में आने से
और सुन पा रहा हूं आज भी
प्रशंसा में लिप्त व्यंग्य की
आप की कविता
और करता हूं व्यक्त आभार
हत्यारों के ग्लोबल सरगना की नासमझी का

(ईमि: 04. 09.2026)

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