Tuesday, August 25, 2026

जंतरमंतर 2

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जंतरमंतर आंदोलन में AISA के अलावा एसएफआई, एआईएसएफ तथा कई अन्य वाम छात्र संगठन भी थे, पहली जरूरत इन वाम संगठनों में एकता की है जो 10 साल पहले जेएनयू आंदोलन के समय बन रही थी किंतु इनके मातृ संगठनों के चलते वह बन नहीं पाई, अब समय है कि बनाएं। काक्रोच पार्टी यदि केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के रास्ते पर भी चलना चाहे तो pressure from below के चलते चल नहीं पाएगी। मुझे शुरू में यह प्रायोजित लगा था और अब भी लग रहा है लेकिन मैंने समयांतर में एक लेख में लिखा था कि कई बार inadvertent consequences are different and more substantial than intended ones. अब जंतरमंतर आंदोलन राष्ट्रव्यापी हो चुका है और राहुल गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है। फासीवाद से लड़ने के लिए आपसी मतभेदों को भूलकर एकजुट होने की जरूरत है तथा वाम सगटनों को सीजेपी और कांग्रेस के साथ मिलकर नई शिक्षा नीति एवं एनटीए के विरुद्ध एक व्यापक मोर्चा बनाना चाहिए जो विस्तृत होकर राष्ट्रव्यापी राजनैतिक आंदोलन का स्वरूप ग्रहण करे। इंकिलाब जिंदाबाद। जय भीम लाल सलाम।

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