Monday, October 5, 2026

हम संविधान की धज्जियां भले उड़ाएं लेकिन भारत माता की जय तो बोलते हैं

 हम संविधान की धज्जियां भले उड़ाएं लेकिन भारत माता की जय तो बोलते हैं

 हम संविधान की धज्जियां भले उड़ाएं लेकिन भारत माता की जय तो बोलते हैं
भारत माता उसी तरह की संकटमोचक हैं जैसे विक्टोरिया युग में मजर ब्रिटानिका थी

यह गंगा स्नान जैसा है जिससे कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं
जिस तरह हनुमान चालिसा पढ़ने से भूत का डर खत्म हो जाता है
उसी तरह भारत माता की जय बोलकर किया गया हर अपराध
देश भक्ति हो जाता है और हर पाप पुण्य।

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