Wednesday, March 4, 2026

नेहरूनामा 1

 पिछले कई सालों से अंधभक्त नेहरू के बारे में अफवाहों का भजन गाते रहते हैं। एक ऐसे ही अंधभक्त के कमेंट का जवाब:


अंधभक्त इतिहास नहीं पढ़ते शाखा की जहालतपूर्ण बौद्धिकों में उड़ाई गई अफवाहों का भजन गाते हैं। नेहरू के बाप इतने रईश थे कि चाहते तो वे शहंशाही जिंदगी जी सकते थे लेकिन उन्होंने सारा वैभव त्याग कर, पैतृक संपत्ति राष्ट के नाम करकरके स्वतंत्रता आंदोलन में कूदना वाजिब समझा और कई साल जेलों में बिताया जहां उन्होंने कई कालजयी कृतियों की रचना की। देश को समर्पित उनकी संपत्तिया राजभवन और आनंदभवन आज भी पर्यटन विभाग के जरिए राष्ट्रीय राजस्व में वृद्धि कर रही हैं। लेकिन जैसा कहा कि अंधभक्त बंददिमाग जाहिल होता है, पेट पर लात को भी प्रसाद की तरह खाकर रटी फवाहों का भजन गाता है। स्वतंत्रता आंदोलन में कूदने के बाद नेहरू ने खादी ही पहना, लखटकिया शूट नहीं।

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