एक पोस्ट पर कमेंटः
शिक्षा पर एकाधिकार के चलते तथाकथित ज्ञान पर वर्चस्व के बल पर ब्राह्मणवाद का सामाजिक वर्चस्व सदियों से बना रहा। शिक्षा की सिद्धांततः सार्वभौमिक सुलभता औपनिवेशिक शिक्षा नीति का एक सकारात्मक उपपरिणाम है जिससे ब्राह्मणवाद का वर्चस्व दरकने लगा। उस वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए मुसलमान के रूप में एक साझे दुश्मन के नाम पर हिंदुत्व की विचारधारा गढ़ी गयी, जिससे अल्पसंख्यक वर्चस्व की रक्षा बहुसंख्यक यानि बहुजन की ताकत से की जा सके। हिंदुत्व ब्राह्मणवाद की ही राजनैतिक अभिव्यक्ति है।

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