Monday, March 19, 2018

फुटनोट 168 (काकिस्त्रोक्रेसी)

याद नहीं आ रहा है, 34-35 साल पहले, तीनमूर्ति लाइब्रेरी में 17वीं शताब्दी में पूंजीवादी सामाजिक संबंधों की जड़ों की तलाश में एक किताब पढ़ते हुए इस शब्द से पाला पड़ा। प्रबोधन काल की पूर्वसंध्या पर जब समाज और बौद्धक जगत में उथल-पुथल मच रहा था तब किसी उपदेशक द्वारा स्थापित मान्यताओं के भंजक किन्ही विचारों से आगाह करते हुए प्रवचन से उद्धरण मे था। उत्सुकता बस एनसाइक्लोपीडिया खोला। यह शब्द ग्रीक शब्दों काकिस्टोस और क्राटोस जिनके अर्ख क्रमशः बुरा और शासन होते हैं। अरिस्टोस का मतलब है अच्छा, डेमोस का मतलब है लोग इनहीं से अरिस्टो और डेमो क्रेसियां बनी है। आज का जमाना होता तो गूगल बाबा एक सेकंड में दे देते। आप बिल्कुल सही कह रहे हैं यह शब्द अरिस्टोक्रेसी के विपरीत शासन के लिए थॉमस मोर द्वारा किसी उपन्यास में इस्तेमाल के बाद प्रचलन में आया -- काकिस्तोक्रेसी। आज यह हमारे ही देश की या पाकिस्तान की सरकारों पर ही नहीं, दुनिया की ज्यादातर सरकारों पर लागू होता है। जंग चाहता जंगखोर ताकि राज कर सके हरामखोर।

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