Sunday, March 25, 2018

फुटनोट 169 (आरक्षण)

OBC में क्रीमी लेयर का प्रावधान है, अब भ्रष्ट अधिकारी गलत आयप्रमाणपत्र दे दे तो कोई क्या करे? मेरा एक आजमगढ़ का जायसवाल स्टूडेंट था उसके शाहगंज तथा अहरौला में पेट्रोल पंप हैं और आजमगढ़ में होटल और क्रीमी लेयर से कम का आय प्रमाणपत्र। कोई ऐश नहीं काट रहे हैं दुर्घटनावश 40-41 की उम्र में नौकरी मिल गयी। सेलेक्सन कमेटियों में सब सवर्ण ही होते थे जिनकी जेबों अपने धर्म पुत्र-पुत्रियों के नामों का पर्चियां होती हैं। मैं नास्तिक हूं जब गडवै नहीं तो गॉडफदरवा कहां से होगा। इलाहाबाद विवि में 1985-86 में 1 घंटा 31 मिनट इंटरविव हुआ (बाहर बैठे लोग क्लॉक कर रहे थे)। कुलपति आरपी मिश्र काफी रुचि ले रहे थे। 6 पोस्ट थीं, मैं सोचने लगा था कि नए बन रहे झूसी में घर लूं या तेलियरगंज में। सारी नौकरियां ठेकदारी पर जा रही हैं, विश्वविद्यालयों का नुजीकरण हो रहा है, आरक्षण अपने आप अप्रासंगिक हो जाएगा। देश को मुख्य खतरा सामाजिक उत्पादन-वितरण संस्थानों के कॉरपोरेटीकरण से है।

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