Saturday, August 5, 2017

फुटनोट 113 (आर्थिक विनाश)

इस आर्थिक विनाश की शुरुआत राव-मनमोहन के जमाने से हुई, वाजपेयी-चदंबरम् ने गति दी, मनमोहन-चिदंबरम् ने गति के बरकरार रखा, मोदी-जेटली ने उसमें बुलेट-ट्रेन का इंजन लगा दिया। हम मनमोहन और मोदी में साम्राज्यवादी, भूमंडलीय पूंजी के बड़े-छोटे चाकर के रूप में फर्क कर सकते हैं। दूसरा फर्क यह है कि कांग्रेस के पास बजरंगदली दस्ते नहीं हैं। जनवादी ताकतें राजनैतिक परिदृश्य गधे की सींग हो गयी हैं। इस फौरी विकल्पहीनता में छोटी बुराई का पक्ष संकटकालीन मजबूरी है।

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