Monday, July 24, 2017

फुटनोट 102(भक्तिभाव)

एक भक्त अरुण प्रकाश मिश्र की नए महामहिम पर एक पोस्ट कॉपी-पेस्ट किया था, उस पर एक भक्त ने कमेंट किया कि मोदी सरकार की सफलता से तथाकथित सेकुलर छटपटाने लगे हैं। ये लंपट असली सेकुलर क्या होता है बिना बताए तथाकथित तथाकथिक रटने लगते हैं, उस भक्त को दिया जवाब, कई बार कोशिस करके भी भाषा तल्ख हो जाती हैः

दिमाग के अंधे को दिखाई नहीं देता लफ्फाजी के अलावा, गोरक्षा के नाम पर हत्याओं के अलावा, अंधविश्सवास और धर्मोंमाद फालाने के अलावा इस सरकार ने क्या किया है? तुम धर्मोंमादी नशे में इतना धुत हो कि अभी और समय नहीं खर्च कर सकता, इससे जरूरी काम है, वैसे भी बंददिमागों को पढ़ाना बहुत मुश्किल होता है। अपनी अस्मिता बनाने में अक्षम पूर्वजों पर गर्व करो और पंजीरी खाकर भजन गााओ, फिलहाल विदा लीजिए। तुम वाकई बहुत बड़े बंददिमाग भक्त लगते हो अपना दिमाग चलता नहीं तोते की तरह रटा रटाया भजते रहते हो। तथा कथित किसी वास्तविक का होता है, हम तथा कथित सेकुलर हैं तो आप जैसे बजरंगी लंपट असली सेकुलर हैं। जब तक असली परिभाषा न मालुम हो तो तथाकथित रटने के लिए मेरी पोस्ट से दूर रहो नहीं तो बहुत से लंपट भक्तों को ब्लॉक कर देता हूं जो समय नष्ट करते हैं। जब तक असली सेकुलर क्या होता है कौन है न पता चले तब तक तथाकथित न बोलना, किसी बड़े बंद दिमाग भक्त ने तथाकथित बोल दिया सारे छोटे चेले तथाकथित चिल्ललाने लगे ये यह नहीं बताते असली कौन है?

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