Monday, July 31, 2017

फुटनोट 108 (देशभक्ति)

मई में गांव गया था, संस्मरण लिखना चाहता था लेकिन समय न निकाल पाया, निकालने की कोशिस करूंगा। एक चाय की अड्डेबाजी में एक निठल्ले ने पूछा, जेयनयू वाले जाधव के लिए क्यों नहीं लड़ते? मैंने कहा, सारी लड़ाइयां जेयनयू के देशद्रोही ही करेंगे तो देशभक्त क्या करेंगे, पंजीरी खाकर महज जेयनयू के देशद्रोह का रटा-रटाया भजन गाते रहेंगे? आप जैसे देशभक्त क्यों नहीं लड़ते फर्जी पासपोर्ट और इरान में रहकर व्यापार करने वाले देशभक्त के लिए? हम तो फांसी की सजा द्वारा न्यायिक हत्या के सिद्धांतः खिलाफ हैं, पीड़ित चाहे देशभक्त जाधव हो या कश्मीर के आत्मनिर्णय के अधिकार का हिमायती अफजल गुरू।

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