Monday, November 9, 2015

फुटनोट 53

Suresh Sharma कितना कूड़ा भरा है अापके दिमाग में कि बिहार चुनाव अापको राष्ट्रवाद पर राष्ट्रद्रोहियों की जीत लगती है? आप में तथा बिहार को पाकिस्तान बताने  वाले उस सड़क छाप लंपट, गिरगराज में कोई फर्क ही नहीं दिखता.  लड़ाई राष्ट्रवादियों तथा राष्ट्रद्रोहियों के बीच नहीं, बिहारकी जनता तथा साम्राज्यवाद के फासीवादी दलालों के बीच थी, जनता जीत गई. साहब के लिये सीटियाबाजी करने वाला वह दो कौड़ी कासड़कछाप गुंडा   मोदी की बिहार में हार पर पाकिस्तान में पठाके की बात कर रहा था अब बिहार को ही पाकिस्तान भेजने पर क्यों नहीं विचार करता. जिसको यह दलाल पार्टी राष्ट्रवादी लगे वह राष्ट्रद्रोही है, जैसे आप. जेयनयू में तो आपने निक्कर लाल लगोंट के नीचे छिपा रखा था.

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