Thursday, September 24, 2015

फुटनोट 51

सुब्रह्मण्यम स्वामी के जेयनयू का वीसी बनने की अफवाह या सच पर पत्रकार मित्र राजेश का सुनाया एक वाकया याद आता है. कौन बनेगा करोड़पति के शो में एक लड़का सहजबोध (common sense) से सवालों के सही जवाब ताला लगाता जा रहा था. एक सवाल पर जवाब के पहले ही उसने जान लिया था कि वह लड़का अब बाहर हो जायेगा. सवाल था कि मनमोहन सिंह वित्तमंत्री बनने के पहले किस पद पर थे. विकल्प थे -- प्रधान मंत्री का आर्थिक सलाहकार, विश्वबैंक तथा रिजर्वबैंक की नौकरियां, यूजीसी चेयरमैंन. लड़के ने नीचे से ऊपर जाने के सहजबोध से अंतिम की जगह पहले विकल्प पर ताला लगाया तथा बाहर.

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