Saturday, August 29, 2015

फुटनोट 46

इस प्रोफाइल पिक्चर पर युवा, मित्र नीलिमा ने बाबा नागार्जुन सा दिखने का कांप्लीमेंट देकर बाबा की की 35-37 साल पहले की यादें ताजा कर दी. उन दिनों वे प्रायः जेयन यू में रहते थे. मुझसे यह लिखा गया.

इत्ता बड़ा कॉप्म्लीमेंट, शुक्रिया. वैसे बाबा जब ऐसे थे तो हम जेयनयू के लोगों के लिए घर की मुर्गी वाली कहावत के चरितार्थ थे. अब लगता है कितने बड़े लोगों के साथ हम लोग गप्पें कर चुके हैं. काशीराम के ढाबे पर चाय पीते हुये किसी ने कह दिया -- बाबा, इंदु जी --और बाबा इंदु जी इंदु जी क्या हुआ आपको नाच कर गाने लगते थे. जब मैं हाई स्कूल में था तभी  बादल को घिरते देखा, पढ़कर उनका प्रशंसक हो गया था.

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