Saturday, July 4, 2015

फुटनोट 35

मैं अादतन ईमानदारी से ही बात करता हूं, संघ के प्रति जिसे आप मेरी एकसूत्री भंडास समझती हैं वह मेरा संघ की घृणा तथा दुर्र्भाव पर आधारित समाजविरोधी, नारीविरोधी, साम्राज्यवादी, फासीवादी विचारधारा का सुपठित सुविचारित विरोध है. इतिहास तथ्यजन्य से अफवाहजन्य होने से निश्चित निस्तेज होगा. यह मा्यता ऐतिहासिक तथ्यों के अनुभव-अध्ययन पर आधारित है. असहमति का स्वागत. अंतिमसत्य नहीं होता न ही कोई उसका वाहक.

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