Tuesday, July 14, 2015

फुटनोट 37

Chanchal Bhu चंचल भाई, कुतर्क में तो आप संघियों को भी मात दे रहे हैं. मैं पहले भी कह चुका हूं कि नौकरशाही तथा पुलिस को निजी चाकर समझने में मोदी-मुलायम में कोई गुणात्मक फर्क नहीं है. आप उल्टा कह रहे हैं, गुजरात की नौकरशाही तथा पुलिस मोदी के निजी कारिंदों की तरह काम कर रही है, विवेकसम्मत तरीके से नहींष वही मुलायम यूपी में करवा रहे हैं, जो नहीं कर रहे हैं उन्हें धमकाया जा रहा है. धमकाने तथा हड़काने में फर्क है. मुख्यमंत्री का बाप कोई संवैधानिक पद तो नहीं है, यानि वे एक निजी व्यक्ति के रूम में एक सरकारी अधिकारी को धमका रहे थे, एक निजी गुंडे की तरह. कांग्रेस की सांप्रदायिकता विरोधी प्रतिबद्धता को तो तो 1984, मंदिर का ताला खोलना, हासिमपुरा-मलियाना करवाना तथा मस्जिद टूटते हुए केंद्र की कांग्रेसी सरकार का मौन रहना  .... प्रत्यक्ष प्रमाण है. अाप की धर्मनिरपेक्षता पर संदेह नहीं है

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