Sunday, August 3, 2014

फुटनोट 10

Ashutosh Dixit  विषय से इतर बात के लिए मॉफी. भाई, जरा पता कीजिएगा कि Alumni of Allahabad University group किसने और क्यों निकालकर मुझे तमाम इलाहाबादियो से संवाद से वंचित कर दिया? वैचारिक दिवालिएपन के शिकार कठमुल्ले विचारों से आतंकित हो विचारक को खत्म करने की मूर्खता करते हैं. यह नहीं जानते कि कलम तोड़ने से आवाज़ और भी निखर जायेगी. मेरी जिस पोस्ट के बाद वहां के फासीवादी मनःस्थिति के प्रशासकों ने ग्रुप को निजी जागीर समझ बिना कारण बताओ नोटिस दिए निकाल दिया, उस पर 73 लोगों ने लाइक बटन दबाया था और 3-4 लोग निजी आक्षेप के विषयांतर से विमर्श विकृत करने का प्रयास कर रहे थे. अब तो सबके नाम भी भूल गये.

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