Sunday, August 3, 2014

फुटनोट 9

मेरी मित्र सूची में 4000 से अधिक संख्या है. निजी परिचय बहुत कम से है और फेसबुकी संवाद से भी बहुत कम से परिचय है. मैं पहले साझे मित्र, इलाहाबाद विवि, दिल्ली विवि, जनेवि ... देखकर ही  निवेदन स्वीकार कर लेता था. बहुत हो गया तो सोचा अब प्रोफाइल देख कर कन्फर्म वाली बटन दबाऊंगा लेकिन अब निवेदनों की लंबित सूची इतना लंबी हो गयी है कि ऐसा करना अब संभव नहीं है. बहुत दिनों से वाल पर लिखने की सोच रहा हूं कि मित्रता चाहने वाले लोग इनबॉक्स में संपर्क करें लेकिन यह काम भी अभी लंबित है. कुछ लोग मेरे नाम में मिश्र देख कर रिक्वेस्ट भेज देते हैं और बाद में दुखी होकर चल देते हैं या मैं ही चलता कर देता हूं.

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